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लाला लाजपत राय शेरे पंजाब आर्य समाजी लाला लाजपत राय का जन्म दूधेके लुधियाना पंजाब में श्री राधा कृष्ण के घर अट्ठारह सौ पैसठ में हुआ उन्होंने हिसार में आर्य समाज की शाखाएं व एक संस्कृत विद्यालय स्थापित किया शीघ्र ही वे लाहौर चले गए लाहौर में दयानंद एंगलो वेैदिक कॉलेज खुला उन्होंने पंजाबी, उर्दू दैनिक ,वंदे मातरम तथा अंग्रेजी साप्ताहिक पत्र" द पीपल" आरंभ किया लाला लाजपत राय ने कुछ समय अमेरिका में यंग इंडिया का प्रकाशन भी किया लाला लाजपत राय ने" महान अशोक" श्री कृष्ण और उनकी शिक्षाएं" छत्रपति शिवाजी आदि कई पुस्तको की रचना की उनकी पुस्तकों में इटली के देशभक्तों में मेजिनी व गिरी बॉडी की कहानियां भी शामिल है लाल बाल पाल वह त्रिमूर्ति लाल बाल पाल जिन्होंने उग्रवादी दल गठन किया कि एक कड़ी थे लाला लाजपत राय को 18 माह उनकी उग्रवादी गतिविधियों के कारण मांडले जेल में कैद में रखा है 1907 में उन्होंने पंजाब में विशाल कृषक आंदोलन का संगठन किया इस कारण ही अजीत सिंह के साथ बर्मा निष्कासित कर दिया गया पंजाब नेशनल बैंक 1920 में इन्होंने सर्वेन्टस ऑफ पीपल सोसाइटी की स्थापना लाहौर में की! उन्होंने लाहौर में नेशनल कॉलेज और तिलक स्कूल ओंफ पॉलिटिक्स स्थापित किया लालाजी ने पंजाब नेशनल बैंक व लक्ष्मी बीमा कंपनी की स्थापना की 1920 में कांग्रेसी कोलकाता मेरे विशेष अधिवेशन के अध्यक्ष चुने गए और असहयोग आंदोलन में भाग लिया हैअसहयोग आंदोलन के स्थगन के बाद लालाजी स्वराज पार्टी में शामिल हो गए कमीशन का बॉयकॉट सन 1928 में साइमन कमीशन भारत आया कांग्रेस ने कमीशन का बॉयकॉट किया और इसके विरुद्ध देशभर में प्रदर्शन किया जो भी है कमीशन लाहौर पहुंचा तो स्टेशन पर हजारों लोगों की भीड़ थी लाला लाजपत राय इस प्रदर्शन के नेता था पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया लालाजी सबसे आगे थे इसलिए कई लाठियां एकदम उनकी छाती में लगी और इस पर गर्जना करते हुए लालाजी ने कहा कि मेरी छाती पर पड़ा एक-एक लाठी का बार भारत में ब्रिटिश साम्राज्यवाद की ताबूत की कील साबित होगा लाठियो के वार से गंभीर रूप से घायल हो गए यहां यह तथ्य उल्लेखित करना प्रासंगिक है कि 17 नवंबर 1928 को पंजाब केसरी लाला लाजपत राय का देहांत हो गया
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