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भगत सिंह भगत सिंह का जन्म 1907 में किशन सिंह संधू व विद्यावती कौर के यहां वर्तमान बांगा पाकिस्तान में हुआ नौजवान भारत सभा भगत सिंह मार्क्सवाद से प्रेरित है हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य थे एवं लाहौर में उन्होंने 1926 में नौजवान भारत सभा की स्थापना की हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना अक्टूबर 1924 में कानपुर में राम प्रसाद बिस्मिल योगेंश चटर्जीर्और सचिंद्र सान्याल ने की थी 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और उनके साथी बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय असेंबली में बम फेंका बम के साथ फेैके गए परचो में यह संदेश था कि बहरे कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए बम का प्रयोग किया गया है इंकलाब जिंदाबाद, भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त भागे नहीं बल्कि अपने को गिरफ्तार करवा दिया उन्होंने नारा लगाया इंकलाब जिंदाबाद, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद यहां यह तथ्य उल्लेखित करना प्रासंगिक है कि इंकलाब जिंदाबाद की रचना मोहम्मद इकबाल ने की तथा भगत सिंह ने पहली बार इसको नारे के रूप में प्रयोग किया भगत सिंह ने अदालत में कहा कि क्रांति से हमारा तात्पर्य यह है कि अन्याय पर आधारित मौजूदा व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए लाहौर षड्यंत्र केस भगत सिंह व बटुकेश्वर दत्त को गिरफ्तार करके उन पर असेंबली में बम फेंकने तथा सांडर्स की हत्या के आरोप में लाहौर षड्यंत्र केस के तहत मुकदमा चलाया गया भगत सिंह सुखदेव और राजगुरु के साथ 23 मार्च 1931 को लाहौर में फांसी दे दी गई सुभाष चंद्र बोस ने भगत सिंह के बारे में कहा कि भगत सिंह जिंदाबाद या इंकलाब जिंदाबाद का एक ही अर्थ है भगत सिंह विचारों से समाजवादी थे वे कहा करते थे कि मैं जो गरीबों का शोषण करते हैं उन भारतीयों से उतनी घृणा करता हूं जितनी अंग्रेजों से उन्होंने" मैं नास्तिक क्यों हूं "पुस्तक लिखी फांसी से पहले वे लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे 23 साल का नौजवान हंसते हंसते हुए इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गया और अपने देश की रक्षा के लिए शहीद हो गया यहाँ यह तथ्य उल्लेखित करना आवश्यक है उनकी फांसी पर पूरे देश में शोक की लहर छा गई और पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ आक्रोश पैदा हो गया #polityrajathan365
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